Vandana/ Sanskrit Shlok/ Prarthana Collections in hindi fonts

वंदन हे शारदा नमन करूं……

वंदन हे शारदा नमन करूं ।
विधि सहित अर्े अचल, विमल सुमति को
हृदय मल सदा हरण कर ।। वंदन हे….।
वसन सितोत्तम सुधवल कमले, तू शोभति जगमाता ।
रसिक मधुर जन हृदय वीणा, सुवादन करत ।
वंदन हे शारदा….।

विश्वेश्वराय वरदाय / श्लोक

विश्वेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय ,
लंबोदराय सकलाय जगध्दिताय।
नागाननाय श्रुतियग्यविभुसिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

शांताकारम भुजंगशयनम / श्लोक

शांताकारं भुजगशयनं पद्यनाभं सुरेशम् । विश्‍वाधारं गगन सदृशं मेघवर्णं शुभांगम् ।

लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ज्ञानगम्यम् । वंदे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैक नाथम् ॥

महामृत्युंजय मंत्र / मंत्र

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ
त्र्यम्बकं य्यजा महे सुगन्धिम्पुष्टि वर्द्धनम्
उर्व्वा रुक मिव बन्धनान् मृत्योर्म्मुक्षीय मामृतात्
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ

असतो मा सदगमय / श्लोक

असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥

(हमको) असत्य से सत्य की ओर ले चलो । अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ।। मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥।

सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् / श्लोक

सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् , न ब्रूयात् सत्यम् अप्रियम् । प्रियं च नानृतम् ब्रूयात् , एष धर्मः सनातन: ॥

सत्य बोलना चाहिये, प्रिय बोलना चाहिये, सत्य किन्तु अप्रिय नहीं बोलना चाहिये । प्रिय किन्तु असत्य नहीं बोलना चाहिये ; यही सनातन धर्म है

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