How to become a Bank Manager

  • Post category:Uncategorised
  • Post comments:0 Comments
बैंक मैनेजर कैसे बने 


How to become a Bank Manager



बैंक मैनेजर कैसे बने महत्त्वपूर्ण जानकारी- 

आज कल के समय में सभी लोगो को सरकारी नौकरी पाने की इच्छा रहती ही है| आप सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंक के माध्यम से अपने करियर को चुन सकते है लेकिन दोनों बैंकों में चयन प्रक्रियाए अलग अलग है| किसी भी बैंक को अपने करियर के रूप में चयनित करने से पूर्व उसके बारें में पूर्ण जानकारी आवश्यक है| Bank Manager एक ऐसा पद है जो कि भारत के हर व्यक्ति ग्रहण करना चाहता है क्योकि बैंक में जॉब करने से एक तो हमें अच्छी सैलरी मिलती है और दूसरा बैंक की तरफ से कई तरह की सुविधाओं के साथ साथ समाज में अपनी एक अलग ही पहचान भी बनती है|

बैंक मैनेजर किसे कहते है-

एक बैंक मैनेजर वह व्यक्ति होता है जो बैंक की एक विशेष शाखाओ में से एक होते है और जो व्यवसायों और व्यक्तियों को धन उधार देने में शामिल है| साथ ही उसमे बैंक की सारी ज़िमेदारी सोपी जाती है जो कि लेन देन को अपने अनुसार Handle करते है| बैंक मैनेजर का पद काफ़ी उच्चा माना जाता है|

बैंक मैनेजर की योग्यता- 

बैंक मैनेजर की योग्यता के लिए उम्मीदवारों ने किसी भी मान्यता प्राप्त University से ग्रेजुएशन पास किया हुआ होना चाहिए|

साथ ही Bank Manager बनने के लिए मनेजमेंट शिक्षा के अंतर्गत एमबीए या पीजीडीबीएम की डिग्री भी अनिवार्य है|

अभ्यर्थी को कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए या एकाउंट से सम्बंधित कोर्स में डिप्लोमा भी हो सकता है|

बैंक मैनेजर की आयु सीमा-

Bank Manager की आयु सीमा लगभग 21 साल से 32 साल के बीच तक की होनी चाहिए और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 5 और 3 साल तक की छुट दी जाती है|

बैंक मैनेजर परीक्षा की चयन प्रक्रिया-

बैंक मैनेजर परीक्षा की चयन प्रक्रिया इस प्रकार है-

प्रारंभिक परीक्षा

मुख्य परीक्षा

साक्षात्कार

Bank Manager की प्रारंभिक परीक्षा- Bank Manager बनने के लिए यह पहला चरण है| इस परीक्षा के द्वारा अभ्यर्थी की योग्यता परखी जाती है| इस परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों को योग्यता के अनुसार चयन किया जाता है| यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को कठिन परिश्रम की आवश्यकता बहुत जरूरी है|

Bank Manager की मुख्य परीक्षा- मुख्य परीक्षा बैंक मैनेजर बनने के लिए दूसरा चरण होता है| यह परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा से थोड़ी कठिन होती है| प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है|

Bank Manager की साक्षात्कार- दोनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए छात्रों को साक्षात्कार यानी interview के लिए अपने शैक्षिक प्रपत्रों के साथ बुलाया जाता है| इस परीक्षा में अभ्यर्थियों से अनेक प्रकार के प्रश्न पूछे जाते है, उनके उत्तर के आधार पर उनका चयन किया जाता है|

बैंक मैनेजर के एग्जाम का सिलेबस पैटर्न-

अंग्रेजी (English)- बैंक के paper में इंग्लिश स्कोरिंग सब्जेक्ट होता है, यदि आपकी इंग्लिश के साथ ग्रामर भी अच्छी है तो आप अधिक नंबर लाकर बैंक का पेपर क्लियर कर सकते है| अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी है तो आपको बहुत ज्यादा प्रायोरिटी  मिलती है| बैंक के एग्जाम में इंग्लिश वर्ड  के मीनिंग, ग्रामर, पैराग्राफ सही है|

रीजनिंग (Reasoning)- यह बैंक की परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है| इसका अच्छा अभ्यास से आपको अच्छे अंक आ सकते है| पेपर के इस हिस्से में सवाल के 4 विकल्प होते हैं, जिसमें से आपको एक सही जबाब चुनना होता है| इसमें रिश्तेदार, दिशा, डायग्राम से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है|

एप्टीट्यूड (Quantitative Aptitude)- इस एप्टीट्यूड में आपसे गणित से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है| इसके लिए आपको वर्ग, बीज गणित, अंक प्रणाली, अनुपात, प्रतिशत, ब्याज, मूलधन आदि प्रश्न आने बहुत जरूरी हैं| इस भाग को हल करने के लिए आपकी मैथ्स अच्छी होनी चाहिए इसकी तैयारी अच्छे से करें|

बैंक मैनेजर की सैलरी-

बैंक में मैनेजर की सैलरी काफी अच्छी मानी जाती है| बैंक मैनेजर के पद की सैलरी लगभग 20,000 से 60,000 रुपये प्रतिमाह तक के बीच में होती है और दूसरा बैंक की तरफ से कई तरह की सुविधाओं भी मिलती है|

Leave a Reply