बाज़, मुर्गी और किसान की कहानी हिंदी में

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kisan -baaj aur Murgi ki kahani

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Full story – kisan , baaj aur Murgi ki kahani hindi me 


एक किसान अपने खेत मे काम कर रहा था। 

अचानक उसे एक घोसला दिखा। उस घोसले में उसे बाज़ (Eagle) का एक अंडा मिला। उसने देखा की गलती से एक मादा बाज़ अंडा वही छोड़कर कही उड़ गई है।

उस किसान ने उस अंडे को ध्यान से उठाया और अपने घर के पीछे बाकी मुर्गियों के अंडों के साथ रख दिया।

थोड़े समय बाद मुर्गियों के अंडों में से मुर्गी के बच्चे निकले, और उस बाज़ के अंडे में से एक छोटा सा बाज़ निकला।

वह बाज़ भी मुर्गी के बच्चो समान मुर्गी को देख कर ही बड़ा हुआ। 

वह बाज़ बस मुर्गियों जैसे दाने खाता, मुर्गियों के साथ सिर्फ जमीन पर घूमता, सीधी लाइन में चलता, सबसे डर कर रहता, और चुपचाप बस जमीन पर नीचे और सामने देख कर चलता।

बचपन से मुर्गियों के साथ रह कर उस बाज़ को लगा की वह भी एक मुर्गी ही है। उस बाज़ की पूरी ज़िंदगी ऐसी ही गुज़री।

एक दिन जब वह बाज़ बूढ़ा हो गया,


 तो उसने आख़िर आसमान में देखने की हिम्मत करी। उसने ऊपर देखा तो उसे आसमान में बहुत ऊंचा एक बाज़ शान से उड़ता हुआ दिखाई दिया। बूढ़ा बाज़ निराश हो गया। उसने खुद से कहाँ,

“काश अगर मैं भी बाज़ होता, तो मैं भी इतना ही ऊंचा उड़ पाता।”


जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है की ज्यादातर लोगों की कहानियां भी ऐसी ही होती हैं।

वह पैदा बाज़ के रूप में होते है। लेकिन बड़े होते होते उनके आस पास का समाज उनके दिमाग मे बैठा देता है की उन्हें उड़ने के सपने नही देखना चाहिए क्योंकि वह भी उनके समान औसत दर्जे के ही है।

तुम्हारे बारे में नकारात्मक बाते बोलने वाले लोग भी उन मुर्गियों की तरह ही है। भले ही तुममें उड़ने की क्षमता हो, फिर भी वह तुम्हारे पर सिर्फ इसलिए काटेंगे क्योंकि उन लोगो मे खुद उड़ने की क्षमता नही है।

आप एक बाज़ के रूप में पैदा हुए हो, 


आप कितना भी ऊंचा उड़ कर कुछ भी करने की काबिलियत रखते हो। बस अपने आस पास की मुर्गियों से बच कर रहना


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