Sukha naal aayi Shivratri mahadev to duava mang de

संगता ने भंगड़े ौन्दियाँ पीनदे ने प्याले भंग दे,
सूखा नाल आई शिवरात्रि महादेव तो दुआवा मंग दे,

गल विच माला सोहना लगदा वषुक तेरे हाथ विच त्रिशूल सजदा,
भंग दा धतूरा जदो पीवे भोला नाथ डम डम डमरू बज्दा,
बम बम भोला बोल दे भगत रंगे होये तेरे विच रंगदे
सूखा नाल आई शिवरात्रि महादेव तो दुआवा मंग दे,

लाके चरनामत भोले तेरी भंग दा संगता ने खुशियां मनांदियाँ,
धरती दे उते किते लग दा न पैर जदो नच नच धरती हिलोदिया,
बोलदे जय कारे तेरे भगत प्यारे भंग रच गई विच अंग अंग दे,
सूखा नाल आई शिवरात्रि महादेव तो दुआवा मंग दे,

जगह जगह मंदिरा ते चलदे भंडारे बाबा खुशिया तू सारिया न वंद दा,
देवो के महदेव करू तेरी सेवा मालिक तू सरे भ्रमांड का,
कोई भोले नाथ कोई आखे भूत नाथ दर बह के मस्त मलंग दे,
सूखा नाल आई शिवरात्रि महादेव तो दुआवा मंग दे,

उतरे न भंग जह्नु चढ़ जांदा रंग जदो नाम वाली चढ़ झंडी खुमारी है,
हो के असमंग भोले नाथ दा दीवाना इस बचे उते किरपा तुम्हारी है,

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