Hamaro mn le geyo re govardhan girdhaari

गोवर्धन गिरधारी सखी री श्याम सुंदर वनवारी,
हमारो मन ले गयो रे गोवेर्धन गिरधारी,

मोर मुकट माथे तिलक विराजे
कानन कुंडल नी के ढाजे,
मुख पर हंसी हाथ में बंसी देख कर सखियाँ हारी
हमारो मन ले गयो रे गोवेर्धन गिरधारी

गल वैजयन्ती माला साजे देख नासिका चन्द्र विराजे
थोड़ी े हीरा मुख पे वीणा माखन चोर बिहारी
हमारो मन ले गयो रे गोवेर्धन गिरधारी

गोवर्धन की लीला न्यारी माधव दास जावे बलिहारी,
सात कोस परिक्रमा देवे वा की मिट जाए विपदा सारी
हमारो मन ले गयो रे गोवेर्धन गिरधारी

Leave a Comment

Your email address will not be published.